时间: 10:02:54 来源: 疑犯追踪 作者: 我的网站 点击: 477534
蒙面唱将猜猜猜

闯关东

韩国瑜与卓荣泰隔空交锋,徐巧芯:雷霆之怒早该发_我的网站

可凡倾听

一 |     माला दीक्षित, नई दिल्ली। देश की 40 प्रतिशत महिलाएं अपने ही शहर में स्वयं को असुरक्षित महसूस करती हैं। ये बात महिलाओं की सुरक्षा पर आयी एक ताजा रिपोर्ट से पता चलती है। सभी राज्यों के 31 शहरों में किए गए सर्वे के मुताबिक रांची, श्रीनगर, कोलकाता, दिल्ली, फरीदाबाद, पटना और जयपुर महिलाओं के लिए सबसे असुरक्षित शहर पाए गए जबकि सबसे सुरक्षित शहर कोहिमा, विशाखापत्तनम, भुवनेश्वर, आइजोल, गंगटोक, ईटानगर और मुंबई हैं।,ये आंकड़े पीवैल्यू एनालिटिक्स की महिलाओं की सुरक्षा पर आयी ताजा रिपोर्ट नारी (नेशनल एनुअल रिपोर्ट एंड इन्डेक्स ऑन वोमेन्स सेफ्टी) में दिए गए हैं। गुरुवार को राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया किशोर रहाटकर ने दिल्ली में यह रिपोर्ट जारी की। सर्वे में प्रत्येक राज्य का एक बड़ा शहर शामिल किया गया है जबकि उत्तर प्रदेश के दो शहर लखनऊ और आगरा शामिल किये गए।,सर्वे 18 वर्ष से ज्यादा आयु की 12770 महिलाओं की राय जानी गई। देश भर में महिला सुरक्षा को महिलाओं की निगाह से देखने से पता चलता है कि औसतन 64.6 प्रतिशत महिलाएं अपने शहर में खुद को सुरक्षित महसूस करती हैं यानी बाकी की 40 प्रतिशत स्वयं को सुरक्षित नहीं महसूस करतीं।,जिन मानकों पर महिला सुरक्षा को आंका गया है उसमें संपूर्ण सुरक्षा, के साथ ही पड़ोस, परिवहन, शिक्षा, कार्यस्थल, स्वास्थ्य, मनोरंजन के स्थान और ऑनलाइन उत्पीड़न शामिल हैं। इसमें ढांचागत संसाधन के अलावा उत्पीड़न की घटनाएं और उनकी शिकायतें भी शामिल हैं।,

7 फीसदी महिलाओं ने उत्पीड़न का सामना किया

  • रिपोर्ट में सार्वजनिक स्थानों में उत्पीड़न को भी रेखांकित किया गया है। इसमें पाया गया है कि 2024 में सात प्रतिशत महिलाओं ने उत्पीड़न का सामना किया जिसमें 18 से 24 वर्ष की महिलाओं में जोखिम सबसे अधिक था। ये सात फीसद का आंकड़ा एनसीआरबी के 2022 के 0.07 फीसद के आंकड़े से काफी ज्यादा है। हालांकि एनसीआरबी के आंकड़े एफआईआर पर आधारित होते हैं जबकि ये रिपोर्ट महिलाओं द्वारा बताई गई घटनाओं पर आधारित हैं। जिसमें अनरिपोर्टेड मामले भी सामने आते हैं।
  • सात प्रतिशत में से सिर्फ 33 फीसद ने रिपोर्ट किया और 16 फीसद में ही कार्रवाई हुई। रिपोर्ट के मुताबिक महिलाओं को रात के समय सुरक्षा चिंताएं ज्यादा होती हैं जिसका कारण पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर जिसमें लाइटिंग, पैट्रोलिंग के अलावा सामाजिक पहलू हैं। सुरक्षा को लेकर शासन तंत्र पर विश्वास को देखा जाए तो सिर्फ 25 प्रतिशत ने प्रभावी कार्रवाई को लेकर भरोसा जताया है जिसका मतलब निकलता है कि चार में से एक महिला को ही उचित कार्रवाई का भरोसा है।

मुंबई की महिलाएं सुरक्षित महसूस करती हैं

दिल्ली में असुरक्षा की भावना ज्यादा होने के बारे में पीवैल्यू एनालिटिक्स के प्रोजेक्टर डायरेक्टर सुमित अरोड़ा कहते हैं कि राजधानी में महिलाओं में सुरक्षा को लेकर अपेक्षाएं ज्यादा हैं। उनका कहना है कि राजधानी में रात-दिन महिलाओं का आना-जाना सुरक्षित होना चाहिए। वहीं कोलकाता में पिछले वर्ष अचानक महिलाओं के प्रति अपराधों में हुई बढ़ोत्तरी से भी सुरक्षा की पर प्रतिकूल असर पड़ा है।,जबकि मुंबई की महिलाएं स्वयं को अपेक्षाकृत ज्यादा सुरक्षित महसूस करती हैं। रहाटकर ने रिपोर्ट जारी करते हुए कहा कि महिलाओं की सुरक्षा चिंताओं को समझने की दिशा में एक बड़ा कदम है। हमारी प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि हर महिला घर, कार्यस्थल, सार्वजनिक स्थान और ऑनलाइन स्वयं को सुरक्षित महसूस करे।,यह भी पढ़ें- 'एंटी रोमियो' की जगह अब लखनऊ में होगी 'महिला सुरक्षा टीम', हर संदिग्ध गतिविधियों पर रहेगी नजर。    AI摘要      国民党籍民代徐巧芯批评台行政机构负责人卓荣泰拒副署“儿少账户条例”是恶意曲解规定。

二 | 她指此举伤害立法权,强调行政机构应按民意机构三读通过的法律执行。         台当局行政机构负责人卓荣泰不副署台民意机构“三读”通过的“儿少成长及未来账户条例”,国民党籍台民意机构负责人韩国瑜重批,“执政权”再大,都大不过台湾地区现行宪制性规定,两人隔空互杠。国民党籍民代徐巧芯19日受访表示,韩国瑜“雷霆之怒应该发,而且早该发”,且卓荣泰是读了台湾地区现行宪制性规定后,恶意去曲解。

三 |          据台媒“中天新闻”报道,徐巧芯指出,卓荣泰的态度一直以来都在摆烂,“在野党”民代在审查总预算或各项“法案”时都是忍无可忍,认为无需再忍。其实也看到台行政机构的态度非常嚣张,使得两边开始对抗。

四 |     针对卓荣泰要求韩国瑜“读好台湾地区现行宪制性规定”的说法,徐巧芯反击称,卓荣泰并不能代表“宪法法庭”,在“宪法法庭”尚未做出任何决议前,台行政机构就应该按照台民意机构“三读”通过的“法律”执行。她也说,台民意机构提出的叫做“法律案”而非“预算案”,两者并不相悖。

五 | 预算编列虽属台行政机构职权,但“法律案”的提出是台民意机构的权力,所以卓荣泰是在刻意曲解法律。    徐巧芯更举例,台行政机构近期在“儿少未来账户”等民生法案上拒绝副署,这个跟政治无关,是跟民生有关的“法案”。且“副署权”的本意是为了限制台湾地区领导人权力扩张,让台行政机构负责人能对赖清德产生制衡,而非用来对抗台民意机构。    徐巧芯续批,卓荣泰不是没有读台湾地区现行宪制性规定,而是很恶意地去曲解、扭曲,用各种方式伤害岛内“立法权”。

Current article:http://o5h1n.xuebenwagangqingre.buzz/zsthoz/20260826/7246.html

Published on:18:45:17


本文标签: 命中注定我爱你 时间都去哪了 淘宝

回到顶部